यूरिया या DAP के साथ अब नहीं खरीदना होगा दूसरा सामान! सरकार का बड़ा आदेश, किसानों को बड़ी राहत

By | June 28, 2026

अगर आप यूरिया (Urea) या DAP खाद खरीदने जाते हैं और दुकानदार आपसे कहता है कि पहले नैनो यूरिया, दवा, जिंक, सल्फर या कोई दूसरा सामान खरीदो, तभी खाद मिलेगी, तो अब ऐसा नहीं चलेगा।

केंद्र सरकार ने इस तरह की जबरन बिक्री (Forced Tagging) पर सख्त रुख अपनाया है और स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों को किसी भी अतिरिक्त उत्पाद को खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।


क्या है सरकार का नया आदेश?

केंद्र सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय तथा उर्वरक विभाग (Department of Fertilizers) ने राज्यों और उर्वरक कंपनियों को निर्देश जारी किए हैं कि—

  • यूरिया, DAP, NPK जैसे सब्सिडी वाले उर्वरकों के साथ किसी भी अन्य उत्पाद की जबरन बिक्री नहीं होगी।
  • किसानों को नैनो उर्वरक, बायो-स्टिमुलेंट, कीटनाशक या अन्य उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
  • नियम तोड़ने वालों के खिलाफ लाइसेंस रद्द करने और कानूनी कार्रवाई तक की जा सकती है।

दुकानदार क्या नहीं कर सकता?

❌ “पहले नैनो यूरिया खरीदो, तभी DAP मिलेगा।”

❌ “DAP के साथ दवा लेना जरूरी है।”

❌ “यूरिया तभी मिलेगा जब दूसरा सामान भी खरीदोगे।”

यदि कोई दुकानदार ऐसा करता है तो वह सरकारी निर्देशों का उल्लंघन कर सकता है।


किसानों को क्या फायदा होगा?

  • केवल जरूरत की खाद खरीद सकेंगे।
  • अतिरिक्त खर्च से राहत मिलेगी।
  • जबरन बिक्री पर रोक लगेगी।
  • उर्वरकों की पारदर्शी बिक्री सुनिश्चित होगी।

सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?

सरकार को कई राज्यों से शिकायतें मिली थीं कि कुछ स्थानों पर किसानों को यूरिया और DAP तभी दिया जा रहा था, जब वे साथ में नैनो उर्वरक, बायो-स्टिमुलेंट या अन्य गैर-सब्सिडी उत्पाद भी खरीदें। इसे देखते हुए सरकार ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।


निष्कर्ष

यदि कोई दुकानदार आपको यूरिया या DAP के साथ कोई दूसरा सामान खरीदने के लिए मजबूर करता है, तो आप इसकी शिकायत संबंधित कृषि विभाग या जिला प्रशासन से कर सकते हैं। सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार केवल उर्वरक उपलब्ध कराया जाए और किसी भी प्रकार की जबरन टैगिंग न की जाए।

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